PhonePe IPO : की तैयारी तेज, आने वाला है IPO! जानिए कितनी होगी कीमत और क्या है पूरा प्लान

पेटीएम के बाद अब PhonePe IPO पर शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी चल रही है अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक हुआ तो भारत का दूसरा सबसे बड़ा फैंटास्टिक आईपीओ यह हो सकता है पहला रिकॉर्ड अभी भी पेटीएम के पास है जिससे साल 2021 में  करीब 20 अरब डॉलर की वैल्यूएशन की थी लेकिन फोनपे के आईपीओ की कहानी इतनी आसान नहीं है क्योंकि जहां एक तरफ कंपनी के पास 65 करोड़ से ज्यादा यूजर्स मौजूद है वहीं दूसरी तरफ मुनाफे को लेकर बड़े सवाल उठा रहे हैं


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Phonepe का आने वाला है IPO

रिपोर्ट्स के मुताबिक फोन पे ने सितंबर में आईफोन के लिए लिस्टिंग की थी और कंपनी का लक्ष्य है कि अप्रैल तक लिस्टिंग पूरी हो जाए रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी लगभग 75000 करोड़ रुपए से लेकर 87000 की वैल्यूएशन पर लिस्ट होने की योजना बना रही है अगर ग्लोबल मार्केट मे स्टेबिलिटी ज्यादा रही जैसे कि मिडिल ईस्ट PhonePe IPO थोड़ा आगे भी सकता है यानी फिलहाल संकेत यही है कि अगले कुछ महीने में फोनपे का आईपीओ बाजार में आ सकता है

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IPO के जरिए 9000 करोड रुपए जुटना का प्लान

PhonePe IPO के जरिए 7500 करोड़ से लेकर 9000 करोड रुपए जुटना का प्लान हो सकता है इस आईपीओ में कॉम्पनी शेयर जारी नहीं करेगी यानी की कंपनी को सीधे पैसा नहीं मिलेगा यानी मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचेंगे इससे बाजार की भाषा में ऑफर फॉर सेल कहते है PhonePe IPO के जरिए वॉलमार्ट अपनी हीसेदारी 12% तक कम कर सकता है


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IPO के जरिए हीसेदारी बेचने का प्लान

इसके अलावा दो बड़े निर्देशक और है पहले है टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट और दूसरा है माइक्रोसॉफ्ट ये भी कुछ हीसेदारी बेच सकते है यानी कुल मिलकर तीनों करीब 5.07 करोड़ से बेच सकते हैं जब प्राइवेट फंडिंग जुटाई थी तब कंपनी की वैल्यूएशन करीबन 12 अरब डालर थी लेकिन PhonePe IPO में वैल्यूएशन घटकर 9 से 10:30 के बीच रहने की संभावना है यानी कंपनी को लिस्टिंग के समय डिस्काउंट पर आना पड़ सकता है 

Phonepe का कारोबार देश मे सबसे ज्यादा 

देखिए PhonePe IPO भारत का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला डिजिटल पेमेंट प्लेटफार्म है इससे हम सभी बकिफ़ है कॉम्पनी के पर 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स है फोन पे की ताकत है उसका यूपीआई मार्केट शेयर सितंबर साल 2025 तक यूपीआई ट्रांजैक्शन वैल्यू बनाना चाहते हैं और इसी के लिए फोनपे बिजनेस शुरू भी किए हैं उन बिजनेस की बात की जाए तो जैसे डिजिटल लैंडिंग हो गया, इंश्योरेंस डिसटीब्यूशन हो गया, म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट हो गया, या फिर स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स हो गए, शेयर मार्केट प्लेटफॉर्म्स मोबाइल एप मार्केट प्लेस इंडेक्स अप स्टोर्स इन सभी में फोनपे कंपनी उम्मीद कर रही है


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UPI पेमेंट पर जीरो एमडीआर नीति लागू

भारत में यूपीआई पेमेंट पर जीरो एमडीआर नीति लागू है इसका मतलब है कि यूपीआई ट्रांजैक्शंस पर कंपनियों को सीधे चार्ज नहीं मिलता यानी लाखों करोड़ के ट्रांजेक्शन होने के बावजूद कमाई सीमित रहती है लॉस कुछ काम हुआ था लेकिन कारोबारी साल 2026 में इसके फिर से पढ़ने की संभावनाएं हैं कारोबार इस साल 2027 में जाकर कुछ सुधार दिखाई दे सकता है 

Phonepe की मजबूती

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी अभी टेक्नोलॉजी पर भारी निवेश कर रही है ग्राहक जोड़ने पर खर्च ज्यादा है नए प्लेटफॉर्म्स बनाने में भी बड़ा निवेश हो रहा है सबसे बड़ा सवाल यही है की एक तरफ कंपनी की मार्केट लीडरशिप तेज रेवेन्यू ग्रोथ विशाल यूजर बेस्ड दूसरी तरफ लगातार नुकसान और रेगुलेटरी रिस्क है कहानी अभी ग्रंथ की सोच रही है मुनाफे की बिल्कुल नहीं है अगर कंपनी भविष्य में फिंच का सर्विसेज से कमाई बढ़ती है पेमेंट बिजनेस को मोनेटाइज करती है और खर्च नियंत्रित करती है तो यह भारत की सबसे बड़ी फिल्टर कंपनियों में से एक बन सकती है 

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