---Advertisement---

Dark Pattern : ऑनलाइन डिस्काउंट का सच आया सामने, 28,000 करोड़ रुपये का बड़ा खुलासा

By: Veer Singh

Published On: 14/06/2026

Dark Pattern
Google News
Follow Us
---Advertisement---

Dark Pattern : क्या आपको लगता है कि ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त आप सिर्फ उतना पैसा खर्च कर रहे हैं जितना स्क्रीन पर दिखाए देता है? अगर आपका जवाब हाँ है तो शायद आप ऐसे खेल को नहीं समझ पा रहे जो चुपचाप आपकी जेब पर हमला कर रहा है। कैसे लाखों करोड़ों ग्राहक रोजाना Dark Pattern के शिकार बन रहे हैं कौन-कौन से तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं और सबसे बड़ी बात आपकी मेहनत की कमाई को इस डिजिटल जाल से कैसे बचा सकते हैं

Dark Pattern से कट रही जेब  

जरा सोचिए, आपने किसी वेबसाइट पर एक प्रोडक्ट देखा, कीमत आकर्षक लगी, आपने खरीदने का फैसला किया। लेकिन जैसे-जैसे आप पेमेंट की तरफ बढ़े, बिल में नए-नए चार्ज जुड़ने लगे। कहीं डिजिटल फीस, कहीं प्लेटफॉर्म फीस, कहीं कोई एक्स्ट्रा सर्विस और आखिर में आपने उतना भुगतान कर दिया जितना करने का आपका इरादा कभी नहीं था।

Dark Pattern

डिजिटल दुनिया में फैला अदृश्य जाल 

सवाल ये कि क्या ये सिर्फ एक संयोग है या इसके पीछे कोई सुनियोजित रणनीति काम कर रही है? दरअसल डिजिटल दुनिया में एक ऐसा अदृश्य जाल तेजी से फैल रहा है जिसे Dark Pattern कहा जाता है। ये  डिजिटल हथकंडे हैं जिने वेबसाइट और मोबाइल ऐप से इस तरह डिजाइन किया जाता है कि ग्राहक अनजाने में वही फैसला ले जिससे कंपनी को ज्यादा फायदा हो और उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ जाए

यह भी पढ़े :- I Phone Data Leak : आपका डेटा चुरा रही थी Apple, कॉम्पनी चुकाएगी 9.5 करोड़ डॉलर, हर यूजर को मिलेंगे 20 डॉलर

ऑनलाइन उपभोक्ता हर साल करोड़ों का नुकसान 

हाल ही में सामने आई एक चौकाने वाली रिपोर्ट ने इस पूरे खेल की डरावनी तस्वीर पेश की है रिपोर्ट के मुताबिक भारत के ऑनलाइन उपभोक्ता हर साल 25,000 करोड़ से 28,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान झेल रहे हैं यानी हर महीने करोड़ों लोग थोड़ी-थोड़ी रकम गंवा रहे हैं और उन्हें इसका एहसास तक नहीं हो रहा तो आखिर क्या है Dark Pattern ये क्या खेल है

Dark Pattern

क्या है डार्क पैटर्न 

हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के ऑनलाइन ग्राहक हर साल करीब 25,000 करोड़ रुपये से 28,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान झेल रहे हैं इन तरीकों को कहा जाता है Dark Pattern डार्क पैटर्न यानी ऐसे डिजिटल हथकंडे जिनका इस्तेमाल वेबसाइट और ऐप्स इस तरह करते हैं कि ग्राहक बिना सोचे-समझे ऐसे फैसले ले ले जो शायद वो सामान्य परिस्थितियों में कभी नहीं लेता

यह भी पढ़े :- Indian Telecom News : Airtel ने बदला गेम, करोड़ों ग्राहकों को लगा बड़ा झटका, जानें इसके पीछे की वजह।

अब जरा एक उदाहरण से समझिए

आप किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर जाते हैं वहाँ पर एक प्रोडक्ट आपको 999 रुपये का दिखाई देता है कीमत देखकर आप खुश हो जाते हैं और खरीदने का फैसला ले लेते हैं लेकिन जैसे-जैसे आप पेमेंट की तरफ बढ़ते हैं डिलिवरी फीस जुड़ जाती है फिर प्लेटफॉर्म चार्ज फिर कोई और शुल्क और आखिर में वही 999 का प्रोडक्ट आप 1200 या 1300 रुपये में खरीदते हैं 

ऑनलाइन तकनीक को ड्रिप प्राइसिंग कहा जाता है 

रिपोर्ट बताती कि 63 फीसदी ऑनलाइन उपभोक्ताओं ने ऐसी स्थिति का सामना किया है इस तकनीक को ड्रिप प्राइसिंग कहा जाता है यानी धीरे-धीरे बढ़ाई जाने वाली कीमत ताकि ग्राहक आखिर वक्त में खरीदारी छोड़ने का फैसला न कर सके लेकिन कहानी यहीं पर खत्म नहीं होती है कई बार आपने देखा होगा कोई अतिरिक्त सर्विस, इंश्योरेंस या प्रोटेक्शन प्लान पहले से ही टिक किया हुआ मिलता है अगर आपने ध्यान नहीं दिया तो आपका पैसा इसके बिल में जुड़ जाता है

dark pattern

ऑनलाइन उपभोक्ताओं पर मानसिक दबाव 

कई ऐप्स आपको बार-बार दिखाते हैं कि सिर्फ दो मिनट बाकी हैं, केवल एक सीट बची है, अभी नहीं खरीदा तो मौका हाथ से निकल जाएगा। ऐसे संदेश आपके ऊपर मानसिक दबाव बनाने के लिए दिखाए जाते हैं, ताकि आप बिना ज़्यादा सोचे-समझे भुगतान कर दें। स्टडी में पाए गया कि जांच किए गए करीब 43 फीसदी प्लेटफॉर्म किसी न किसी रूप से ऐसे फर्स्ट प्रोटेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं जो ग्राहकों को एक खास दिशा में ढकेलते हैं। 

यह भी पढ़े :- PhonePe IPO : की तैयारी तेज, आने वाला है IPO! जानिए कितनी होगी कीमत और क्या है पूरा प्लान

81 फीसदी लोग डिजिटल जालों में फंस चुके हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक 81 फीसदी लोगों ने माना कि उन्हें Dark Pattern के बारे में जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद 85 फीसदी लोगों ने स्वीकार किया है कि वो कभी न कभी इन डिजिटल जालों में फंस चुके हैं। यानी लोगों को खतरे के बारे में पता था फिर भी वो इससे पूरी तरह से बच नहीं पाए। और यही वजह कि देश के करीब 88 फीसदी ऑनलाइन खरीदार किसी न किसी रूप में इन तरीकों से प्रभावित हो रहे हैं।

online shopping

 

हर महीने 78 से 87 रुपये का हो रहा नुकसान

औसतन हर व्यक्ति को हर महीने 78 से 87 रुपये का नुकसान हो रहा है। ये रकम सुनने में काफी छोटी लग सकती है, लेकिन जब करोड़ों लोग ऐसा नुकसान झेलते हैं तो कुल आंकड़ा हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। हालाँकि रिपोर्ट ने एक पॉजिटिव बात भी सामने आई। करीब 74 फीसदी ऑनलाइन ग्राहकों ने कहा कि अगर कोई प्लेटफॉर्म पूरी तरह से पारदर्शी और ईमानदार तरीके से काम करता है 

यह भी पढ़े :- Shark Tank India : के Sharks पर बड़ा खुलासा, सामने आई हैरान करने वाली बातें

ऑनलाइन शॉपिंग करें तो सिर्फ कीमत देखकर खुश मत हो जाइए

अगली बार जब आप ऑनलाइन शॉपिंग करें तो सिर्फ कीमत देखकर खुश मत हो जाइए। पेमेंट करने से पहले बिल को ध्यान से पढ़िए, किसी भी पहले से टीक किए गए विकल्प को जाँचिए और अगर कोई ऐप आपको जल्दी फैसला लेने के लिए दबाव बना रहा है तो एक बार रुककर जरूर सोचिए। 

online shopping

हमला हमेशा हैकर नहीं करते 

डिजिटल दुनिया में आपकी जेब पर सबसे बड़ा हमला हमेशा हैकर नहीं करता है। कई बार वो एक ऐसा बटन होता है जिसे आप बिना पढ़े क्लिक कर देते हैं। तो क्या आप कभी ऑनलाइन खरीददारी के दौरान ऐसे छिपे हुए चार्ट का शिकार हुए हैं? हमें कमेंट करके ज़रूर बताइए। 

Veer Singh

Veer Singh is an experienced author and blogger with 2+ years of experience writing about automobile, lifestyle, and technology. He shares useful tips, the latest information, and practical guidance with readers based on his experience and research, using simple and easy-to-understand language.” ✍️
For Feedback - Help@Dailyjagran24.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment